जयपुर बुकमार्क  उद्घाटन सत्र

जयपुर बुकमार्क उद्घाटन सत्र

‘बुक्स मीन बिजनेस’ का नारा बुलंद किये, जयपुर बुकमार्क ने 22 जनवरी 2020 को अपने 7वें संस्करण का आगाज़ किया| जयपुर बुकमार्क ज़ी जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल का ही, विशेष रूप से प्रकाशकों के लिए शुरू किया गया उपक्रम है| जहाँ देश और दुनिया से आये प्रकाशकों, लेखकों, अनुवादकों और पब्लिशिंग एजेंट्स को एक-दूसरे से मिलने, व्यापार की संभावनाएं तलाशने का मौका मिलता है|  

इस अवसर पर जयपुर बुकमार्क की सह-निदेशक, नीता गुप्ता ने कहा, “जयपुर बुकमार्क के सातवें संस्करण में अनुवाद हमारी प्राथमिकता है| इसके सत्र बॉर्डर से परे साहित्य, अनुवाद पर आधारित हैं| हम नोर्वे के नाटककार इब्सेन के नाटकों के हिंदी अनुवाद का भी लोकार्पण कर रहे हैं| हम अनुवाद के लिए दिए जाने वाले दो अवार्ड की भी घोषणा करेंगे, वाणी फाउंडेशन डिस्टिंगुइश्ड ट्रांसलेटर अवार्ड और रोमां रोलां प्राइज|”

जयपुर बुकमार्क ने सही मायनों में प्रकाशन को ‘जगत’ के दायरे से निकलकर, व्यवसायिक स्तर पर खुद को पहचानने का मौका दिया है| इस अवसर पर मौजूद, जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल की डायरेक्टर और लेखिका, नमिता गोखले ने कहा, “जयपुर बुकमार्क पब्लिशिंग के मूल आदर्शों को जीता है| हम अपने iWrite प्रोग्राम द्वारा रचनात्मकता का पोषण करते हैं, अनुवाद पर फोकस कर किताबों की बदलती दुनिया को जानने की कोशिश करते हैं| इसके 7वें संस्करण के लिए मैं विशेष रूप से उत्साहित हूं|”

नॉर्वे पिछले सात सालों से जेबीएम का कंट्री पार्टनर रहा है, इसकी वजह बताते हुए, नोर्वेजियाई राजदूत, श्री हेन्स जैकब फ्राइडलेन ने आज के उथल-पुथल भरे समाज में साहित्य, अनुवाद की महत्ता पर बात की| जैकब राजदूत के रूप में अपना कार्यभार सँभालने के बाद पहली बार जयपुर बुकमार्क में आये और लोगों में प्रकाशन के प्रति इतने उत्साह से काफी प्रभावित हुए|  

इस वर्ष का उद्घाटन संभाषण जर्मनी के विख्यात प्रकाशक और लेखक यो लेंडल ने दिया| ‘द रोरिंग ट्वेंटीज: फ्लिपिंग थ्रू द फर्स्ट 20 पेजेस ऑफ़ द पब्लिशिंग मैन्युअल फॉर न्यू डिकेड’ में उन्होंने आने वाले दशक में प्रकाशन की चुनौतियों और संभावना पर बात की| प्रकाशन को उन्होंने लेखक और प्रकाशक दोनों की नज़र से देखा है, और वो कंटेंट और उसे बेचने की जिम्मेदारी को समझते हैं| वर्ष 2020 को उन्होंने पब्लिशिंग में बड़े बदलावों की दस्तक कहा| उन्होंने ध्यान दिलाया की आधुनिक समय में किताबों में डिजाइनिंग की मांग काफी बढ़ गई है और प्रकाशक भी इसके प्रति सजग हो रहे हैं| उन्होंने उम्मीद जताई कि पब्लिशिंग का भविष्य डिजिटल होगा|          

ज़ी जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल और जयपुर बुकमार्क लगातार कला और साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम कर रहे हैं| उनका प्रत्येक संस्करण उनके लिए ही एक नई मिसाल बन जाता है और वो हर बार खुद को पिछले से बेहतर रूप में प्रस्तुत करते हैं|    

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